प्यारी चिड़िया मेरी प्यारी चिड़िया बैठ तो गई है मेरी गोद में लेकिन छटपटाती हुई उसके कांपते हुए पंख से खून का बहना देख आँसू निकल आए हैं मेरे…
और पढ़ेंसूरज अभी- अभी सूरज डूबा है उस पेड़ के पीछे उस नदी के नीचे शायद उसे तैरना नहीं आता इसीलिए अभी तक ऊपर नहीं आया शायद किसी ने उसका क़त्…
और पढ़ेंभूख तालाब के किनारे बैठे-बैठे कितने ही ख़्वाब बुन डाले थे अदनी-सी अठन्नी को लेकर कभी रसगुल्ला , कभी जलेबी लेकिन जब मुठ्ठी खोली थी तो अठन…
और पढ़ेंदरख़्त हवा के घोड़े पर सवार मैं उड़ी जाती हूँ वहाँ महबूब ने मेरे मिलने का वायदा किया है जहाँ रास्ते में देखकर दरख़्तों को याद आने लगा मुझ…
और पढ़ेंअब्रों का ग़म काले अब्रों को जाने क्या ग़म था या शायद मेरे ग़म पर रो रहे थे इन्हें देख-देख मेरा ग़म बढ़ रहा था मैं ख़्यालों की नदी में डूबती- उ…
और पढ़ेंमहबूब का पता मुझसे ग़र कोई पूछे मेरे महबूब का पता कहूँगी रहता है गुलशन की फ़िज़ाओं में महकाता है फूलों को बसकर हवाओं में मुझसे ग़र कोई …
और पढ़ेंआग जब राख के नीचे सुलगती आग भड़क उठती है तब सारी दुनिया की मदहोशी तड़प उठती है हर आँख जागकर तबाही की कहानी कह उठती है जिसमें सब कुछ ज…
और पढ़ेंक्या हो गए हम ? बेझिझक मेरे नज़दीक आओ तुम हमें पत्थर का बुत ही पाओगे जुदाई कुछ इतनी लम्बी रही अब किसी और ही मोड़ पे पाओगे जहाँ हम तन्हा ह…
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