वही तस्वीर वही फ़िज़ा है वही है महफ़िल फ़र्क़ कुछ है तो मेरी ज़िन्दगी में अब वो निगाहें रहीं नहीं मेरी देखते ही उनको जो झुक जाती थीं अब वो बा…
और पढ़ेंकहना मुश्किल कहना भी मुश्किल है और समझना भी आसान नहीं जब तक ज़ुबाँ कुछ न कहे आँखें भी नीची झुकी रहें फिर कैसे कोई जान सके दिल में है…
और पढ़ेंआकाश के परे नीले आकाश के परे एक और आकाश है जिसे मेरी आँखों ने देखने की ढूंढने की हमेशा कोशिश की है कैसी है वो दुनिया और कैसा है उ…
और पढ़ेंप्यारी चिड़िया मेरी प्यारी चिड़िया बैठ तो गई है मेरी गोद में लेकिन छटपटाती हुई उसके कांपते हुए पंख से खून का बहना देख आँसू निकल आए हैं मेरे…
और पढ़ेंसूरज अभी- अभी सूरज डूबा है उस पेड़ के पीछे उस नदी के नीचे शायद उसे तैरना नहीं आता इसीलिए अभी तक ऊपर नहीं आया शायद किसी ने उसका क़त्…
और पढ़ेंभूख तालाब के किनारे बैठे-बैठे कितने ही ख़्वाब बुन डाले थे अदनी-सी अठन्नी को लेकर कभी रसगुल्ला , कभी जलेबी लेकिन जब मुठ्ठी खोली थी तो अठन…
और पढ़ेंदरख़्त हवा के घोड़े पर सवार मैं उड़ी जाती हूँ वहाँ महबूब ने मेरे मिलने का वायदा किया है जहाँ रास्ते में देखकर दरख़्तों को याद आने लगा मुझ…
और पढ़ेंअब्रों का ग़म काले अब्रों को जाने क्या ग़म था या शायद मेरे ग़म पर रो रहे थे इन्हें देख-देख मेरा ग़म बढ़ रहा था मैं ख़्यालों की नदी में डूबती- उ…
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